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    राजपाल यादव की बढ़ी मुश्किलें, महू कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

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    बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मध्य प्रदेश की महू कोर्ट ने उनके खिलाफ चेक बाउंस मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। राजपाल यादव गिरफ्तारी वारंट को लेकर आज Google पर सबसे ज्यादा सर्च किए जा रहे विषयों में शामिल है। कोर्ट ने मुंबई पुलिस को वारंट तामील कर अभिनेता को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है।

    राजपाल यादव गिरफ्तारी वारंट: महू कोर्ट ने क्या आदेश दिया

    महू कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी फरहान मसूद कुरैशी ने 22 सितंबर 2026 को यह आदेश जारी किया था। यह मामला प्रकाश जाजू बनाम राजपाल यादव (केस नंबर SCNI/158/2026) से जुड़ा है। मामला Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत चेक बाउंस का है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि राजपाल यादव को गिरफ्तार कर 13 अक्टूबर तक कोर्ट में पेश किया जाए। अगर अभिनेता 13 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होते हैं तो उन्हें 500 रुपये के निजी मुचलके और 500 रुपये की जमानत पर छोड़ा जा सकता है।

    15 साल पुराना मामला क्या है

    यह विवाद करीब 15 साल पुराना है। 2010 में राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म के रिलीज के बाद यह रकम लौटानी थी, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। शिकायत के मुताबिक 2013 में यादव ने 5 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक दिए थे। कुल रकम 7.35 करोड़ रुपये बनती थी। ये सभी चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद कंपनी ने चेक बाउंस के मामले दर्ज कराए। अप्रैल 2018 में दिल्ली की एक अदालत ने सातों मामलों में उन्हें दोषी ठहराया और हर मामले में छह महीने की सजा सुनाई। ब्याज और जुर्माने के साथ बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये बताई जाती है।

    सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

    यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। 21 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद को सुलझाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस नजमी वजीरी को मध्यस्थ नियुक्त किया है। उन्हें आठ हफ्ते में मध्यस्थता रिपोर्ट सौंपनी है। इससे पहले 5 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने यादव को भुगतान का वादा पूरा न करने पर कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि अभिनेता ने 5 करोड़ रुपये जमा करने का वादा किया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ।

    सुप्रीम कोर्ट परिसर, नई दिल्ली
    सुप्रीम कोर्ट परिसर, नई दिल्ली (फोटो: सुभाशीष पाणिग्रही, विकिमीडिया कॉमन्स)

    फरवरी में तिहाड़ गए थे राजपाल यादव

    फरवरी 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को आत्मसमर्पण का निर्देश दिया था। कोर्ट ने 4 फरवरी की शाम 4 बजे तक आत्मसमर्पण करने को कहा था। यादव ने 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया था। बाद में 1.5 करोड़ रुपये जमा करने पर उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी। आत्मसमर्पण से पहले उन्होंने कहा था कि उनके पास पैसे नहीं हैं और उन्हें कोई और रास्ता नहीं दिख रहा है। उनके बयान के बाद फिल्म इंडस्ट्री से कई लोगों ने मदद की पेशकश की थी। अभिनेता सोनू सूद ने उन्हें अपनी फिल्म में काम देने की बात कही थी।

    आगे क्या होगा

    महू कोर्ट का वारंट अब मुंबई पुलिस के पास है। अगर पुलिस वारंट तामील करती है तो यादव को महू कोर्ट में पेश होना होगा। दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त मध्यस्थ की रिपोर्ट का भी इंतजार है। अगर मध्यस्थता में समझौता हो जाता है तो इस लंबे विवाद का अंत हो सकता है। फिलहाल राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं।

    राजपाल यादव ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अभिनय की ट्रेनिंग ली है। वह ‘हंगामा’, ‘फिर हेरा फेरी’, ‘चुप चुप के’, ‘भूल भुलैया’ और ‘भूल भुलैया 2’ जैसी फिल्मों से दर्शकों के चहेते बने। अब सबकी नजर इस बात पर है कि महू कोर्ट के वारंट और सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता के बाद इस मामले में आगे क्या होता है।