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    मोहम्मद शमी का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास, 13 साल के सफर का अंत

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    भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। शमी ने शुक्रवार रात अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करके यह फैसला बताया। खास बात यह है कि उन्होंने उसी तारीख को टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा, जिस तारीख को 13 साल पहले उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया था।

    मोहम्मद शमी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास: डेब्यू से लेकर आखिरी टेस्ट तक

    शमी ने 6 नवंबर 2013 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। डेब्यू मैच में ही उन्होंने 9 विकेट लेकर सबका ध्यान खींचा था। उनका आखिरी टेस्ट जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल था, जो लंदन के ओवल मैदान पर खेला गया था।

    मोहम्मद शमी
    सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में भारतीय टीम के अभ्यास सत्र के दौरान मोहम्मद शमी। फोटो: NAPARAZZI, CC BY-SA 2.0, Wikimedia Commons (4 जनवरी 2015)

    64 टेस्ट में 229 विकेट, 6 बार 5 विकेट

    शमी ने अपने 13 साल के टेस्ट करियर में 64 मैच खेले और 229 विकेट लिए। उनका औसत 27.71 रहा और उन्होंने 6 बार एक पारी में 5 विकेट लिए। उनका बेस्ट प्रदर्शन 6 विकेट पर 56 रन रहा, जो उन्होंने 2018 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था। शमी भारत के छठे सबसे सफल तेज गेंदबाज हैं। उनसे आगे कपिल देव (434 विकेट), जहीर खान (311), इशांत शर्मा (311), जवागल श्रीनाथ (236) और जसप्रीत बुमराह (234) हैं।

    सफेद गेंद की क्रिकेट में खेलते रहेंगे शमी

    शमी ने साफ किया है कि वह वनडे और टी20 क्रिकेट खेलते रहेंगे। वह IPL में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हैं और बंगाल की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर फिट रहे तो चार दिन के घरेलू मैच भी खेलेंगे। शमी को 14 नवंबर से शुरू हो रही सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए बंगाल की टीम में जगह मिली है। 2027 वर्ल्ड कप को देखते हुए उनके नाम पर चर्चा हो सकती है।

    भावुक संदेश में क्या कहा शमी ने

    शमी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि वह भारी मन से टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं है, यह उनकी जिंदगी का खास हिस्सा रहा है। शमी ने कहा कि वह सफेद जर्सी छोड़ रहे हैं, लेकिन उससे जुड़ी यादें कभी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने BCCI, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल, साथी खिलाड़ियों और अपने परिवार का शुक्रिया कहा।

    रवि शास्त्री ने सेलेक्टर्स पर उठाए सवाल

    पूर्व कोच रवि शास्त्री ने शमी के संन्यास पर सेलेक्टर्स की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि शमी में अभी 30-40 टेस्ट विकेट बाकी थे और उन्हें टीम में मौका मिलना चाहिए था। शमी जून 2023 के बाद से टेस्ट टीम से बाहर थे और 2025 चैंपियन्स ट्रॉफी के बाद से भारतीय टीम से भी बाहर हैं। भारत के लिए उनका आखिरी मैच 2025 चैंपियन्स ट्रॉफी फाइनल था, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया था।

    गांव से टीम इंडिया तक का सफर

    शमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के सहसपुर गांव से आते हैं। उन्होंने कहा कि गांव से निकलकर टीम इंडिया तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। चोटों और मुश्किलों के बावजूद उन्होंने हर बार वापसी की। शमी 2023 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे और उन्हें 2023 में अर्जुन अवॉर्ड भी मिला।

    शमी का टेस्ट करियर भले खत्म हो गया हो, लेकिन सफेद गेंद की क्रिकेट में वह अभी खेलते रहेंगे। भारतीय क्रिकेट को उन्होंने वह तेज गेंदबाजी दी, जिसने विदेशी पिचों पर भी टीम इंडिया को जीत दिलाई।